"महंगाई डायन खाए जात है"
अरे सुना आपने एक और नया साल आ गया है हैप्पी न्यू इयर की गूंज बहुत दिनों तक मोबाइल, फेसबुक, ट्विट्टर और ईमेल पर गूंजती रहेगी पर यह तो कोई बताये भला कि न्यू इयर में कैलेंडर के सिवाय नया क्या होता है आम इन्सान की ज़िन्दगी में? क्या कोई ज़वाब है? फिर वही बाज़ार, वही घोटाले और वही डायन, कुछ याद आया... आम आदमी के साथ कांग्रेस का नहीं डायन का हाथ.
लो भाई अबकी बार एक नहीं दो नहीं पूरे चार इक्के साथ आ गये. इस महंगाई ने जो रिकॉर्ड बनाये उसे तो सचिन भी नहीं तोड़ पाएंगे
तो ये रिकॉर्ड चार इक्के (1.1.11) तोड़ पाएंगे, ये यक्ष प्रशन बन गया है क्या? आज हर आम आदमी के लिए